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अस्थमा का इलाज आसान उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे – Asthma Ka Ilaaj Aasan Upay Aur Ayurvedik Nuskhe in Hindi

अस्थमा का इलाज आसान उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे इन हिन्दी : इस बीमारी को हम दमा के नाम से भी जानते हैं यह एक आम बीमारी होती है । इस बीमारी मे रोगी को सांस लेने मे तकलीफ होती है इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को बार बार खांसी आती है और खांसी इतनी तेज़ होती है के जैसे उसका दम निकल रहा हो । ऐसा शश्वन प्रणाली मे सूजन आने की वजह से होता है । अस्थमा का रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है बच्चे, पुरुष और महिलाएं सभी को यह रोग हो सकता है । बहुत से लोग अस्थमा का इलाज करने के लिए दवा लेते हैं तो कुछ लोग होम्योपैथिक ट्रीटमेंट भी लेते हैं ।

लक्षणो के आधार से अस्थमा की बीमारी दो प्रकार की होती है बाहरी अस्थमा और आंतरिक अस्थमा बाहरी अस्थमा मे एलर्जी बहुत जल्दी होती है और जल्दी ही किसी भी चीज़ से बेचैनी होने लगती है । जैसे पराग, जानवर, धूल जैसी बाहर की चीज़ों से होती है क्यूंकी अस्थमा होने पर नली के अंदर सूजन आ जाती है और इस सूजन की वजह से सांस की नली संवेदनशील हो जाती है जिसकी वजह से आसानी से किसी भी चीज़ से एलर्जी और बेचैनी होने लगती है । आंतरिक अस्थमा कुछ रसायनिक तत्वो को सांस के साथ अंदर लेने की वजह से होता है जैसे की धूम्रपान की वजह से पेंट वेपर्स (Paint Vapours) के कारण आदि ।

दमा के कारण क्या होते हैं – Dama Ke Kaaran

  • नशीली चीज़ों का सेवन करने से दमा की बीमारी हो जाती है ।
  • ज़्यादा ग़ुस्सा या अधिक तनाव की वजह से भी यह रोग हो सकता है ।
  • किसी चीज़ से डर के कारण ।
  • पालतू जानवर से भी यह रोग होने की संभावना होती है ।
  • लंबे समय तक सर्दी जुखाम या फिर नजला रहने की वजह से भी यह रोग हो सकता है ।
  • सांस लेने वाली नली मे धूल मिट्टी फस जाने से भी सांस लेने मे समस्या होने लगती है ।
  • धूम्रपान और तंबाखू का अधिक सेवन करने से भी यह रोग होता है ।
  • अगर आपके परिवार मे पहले किसी को अस्थमा की समस्या रह चुकी है या किसी को है तो आपको भी यह रोग होने की संभावना होती है ।
  • वायु प्रदूषण की वजह से भी अस्थमा की समस्या होती है ।
  • दवाइयों का ज़्यादा सेवन करने से अस्थमा की समस्या होने लगती है ।
  • जरूरत से ज़्यादा व्यायाम करना भी अस्थमा का कारण होता है ।
  • प्रदूषण की वजह से होने वाली एलर्जी से भी अस्थमा का रोग हो जाता है ।

दमा के लक्षण – Symptoms of Asthma in Hindi

  • अस्थमा के मुख्य लक्षण हैं सांस फूलना और सांस लेनें मे परेशानी होना ।
  • शरीर मे थकावट होना और पसीना आना ।
  • सांस लेते समय और बोलते समय एक घरघराहट जैसी आवाज़ आना ।
  • जब आप सांस ले रहे हो तब सीटी की हल्की सी आवाज़ आना ।
  • सांस लेते समय ज़्यादा ज़ोर लगाना जिसके कारण चेहरा लाल हो जाना ।
  • दमा के रोग मे पीड़ित व्यक्ति का कफ बदबूदार होता है ।
  • इस रोग मे सूखी खांसी आती है और छाती मे जकड़न होती है ।

अस्थमा मे क्या खाना चाहिए – Asthma Diet Tips in Hindi

  • दमा के रोगी को अपने खान पान का खास ख्याल रखना चाहिए उन्हे हल्का और जल्दी पचने वाला आहार लेना चाहिए ।
  • अपने आहार मे ज़्यादा से ज़्यादा हरी पत्तेदार सब्जियाँ खाने की कोशिश करें ।
  • गाजर और पालक के रस का सेवन करें अस्थमा के रोग मे यह बहुत फायदेमंद होता है।
  • विटामिन ए, वीटामिन सी और विटामिन ई से भरपूर ताज़े फलों का सेवन करें ।
  • एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर फलों का सेवन करने से रक्त मे ऑक्सिजन की मात्रा बढ़ती है।
  • ओमेगा 3 से भरपूर चीज़ें जैसे मछ्ली का सेवन अधिक करना चाहिए ।
  • अपने आहार मे लहसुन, अदरक , मेंथी, टिंडे, और तुरई का अधिक सेवन करें ।

अस्थमा मे क्या नहीं खाना चाहिए – Food Not To Eat in Asthma in Hindi

  1. दमा के रोगी को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा वाली चीज़ों का सेवन कम करना चाहिए ।
  2. इस समस्या से पीड़ित रोगी को शराब और धूम्रपान का सेवन कभी नहीं करना चाहिए ।
  3. ठंडे पेय पदार्थ जैसे ठंडा पानी, आइस क्रीम आदि जैस ठंडे पदार्थो का सेवन न करें ।
  4. अच्छे स्वास्थ के लिए तंबाखू और गुटखा के उपयोग से दूर रहें
  5. मांस, अंडे और चॉकलेट का ज़्यादा सेवन अस्थमा के रोग मे हानिकारक होता है ।
  6. चटपटे आहार जैसे आचार और ज़्यादा मसालेदार वाले भोजन से बचें ।

अस्थमा का इलाज घरेलू उपाय और नुस्खे इन हिन्दी

Asthma Ka Ilaj Gharelu Upay Aur Nuskhe in Hindi

शहद

दमे से राहत दिलाने के लिए शहद बहुत ही कारगर घरेलू उपाय है इसका उपयोग अस्थमा की समस्या मे ऐसे किया जाता है । एक जग शहद मरीज की नाक के नीचे रख दिया जाता है इससे जो सांस मरीज लेता है वो शहद के संपर्क मे हो कर उसके अंदर जाती है । जिससे मरीज को दमे के दौरे से तुरंत राहत मिलती है ।

लहसुन

दमे के इलाज के लिए लहसुन बहुत ही उपयोगी माना जाता है । लहसुन का इस्तेमाल दमे की बीमारी मे करने के लिए इसकी 10 कलियों को लगभग 30 मिली लीटर दूध मे उबाल लें । अच्छे से उबालने के बाद उसमे से लहसुन को बाहर निकाल दें और इस मिश्रण को पीलें आपको इसका रोजाना सेवन करना चाहिए । इससे आपके दमे का रोग ठीक होगा और साथ ही यह आपको अनेक रोग से भी बचाएगा ।

करेले की जड़े

इसमे बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो बहुत सी बीमारी को दूर करने के लिए उपयोगी होते हैं । इसको इस्तेमाल करने के लिए करेले की जड़ को पीस कर और लगभग एक चम्मच मात्रा मे निकाल कर उसमे एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना मरीज को देना चाहिए । इसको कम से कम एक महीने तक रोजाना रात को रोगी को देना चाहिए । आप चाहे तो शहद की जगह तुलसी के पत्तों का रस भी मिला सकते हैं ।  यह दमे के लिए बहुत ही प्रभावशाली औषधि मानी जाती है ।

अंजीर

यह स्वास्थ के लिए बहुत ही अच्छा और लाभदायक होता है । अंजीर दमे जैसी समस्या से दूर करने के लिए बहुत ही उपयोगी माना जाता है । यह अंदर जमा कफ को बाहर निकालने के लिए बहुत ही सहायक होता है । जिसके कारण मरीज ठीक से सांस लेने लगता है ।

सहजन की पत्तियां

बहुत से रोगो से लड़ने के लिए सहजन की पत्तियां उपयोगी मानी जाती हैं । इन पत्तियों से दमे का इलाज भी किया जाता है यह दमे के इलाज के लिए बहुत ही उपयोगी माना जाता है । इसका इस्तेमाल करने के लिए सहजन की पत्तियों को थोड़े पानी मे उबाल लें और सूप तयार कर लें । सूप बनाने के बाद आप उसको ठंडा होने के लिए रख दें फिर उसमे थोड़ी काली मिर्च और स्वाद के अनुसार नमक मिला लें । इसका रोजाना सेवन करने से आपको बहुत लाभ होगा।

अदरक

चाय मे अदरक मिलाकर पीने से बहुत लाभ मिलता है । अदरक की चाय कफ को निकालने मे बहुत मदद करती है जिसकी वजह से सांस लेने और छोड़ने मे आसानी होती है । यह उपाय करने के लिए आप थोड़ी सी अदरक पानी मे उबाल लें और उसमे थोड़ा सा शहद मिला दें । आप अदरक की इस चाय को दिन मे दो तीन बार भी पी सकते हैं यह आपके लिए अभूत लाभदायक साबित होगी ।

दमा का आयुर्वेदिक उपचार – Ayurvedik Treatment For Asthma in Hindi

  • आयुर्वेदिक दवा और घरेलू उपाय से इलाज करने के बहुत से लाभ होते हैं इससे बीमारी का भी इलाज होता है और बीमारी जिस कारण हुई उसका भी उपचार होता है । साथ ही आयुर्वेदिक दवा के कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होते ।
  • दमा का रोग ठीक करने के लिए एक कप मे दो चम्मच आंवला पाउडर डालें और उसमे एक चम्मच शहद मिलाकर अच्छे से उसे मिक्स कर लें । रोजाना सुबह मे इसका सेवन करने से अस्थमा का रोग कंट्रोल होने लगेगा ।
  • चार से पाँच लौंग को आधे ग्लास पानी मे डाल कर पाँच मिनट तक उबालें फिर इसको उबालने के बाद इसमे शहद मिलाकर पीलें । यह अस्थमा का आयुर्वेदिक इलाज हर रोज़ दिन मे दो बार करें दमा ठीक होने लगेगा ।
  • एक तिहाई हिस्सा पालक का रस मिलाकर और दो तिहाई गाजर के रस का हिस्सा मिलाकर हर रोज़ एक ग्लास पीएं ।

आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट अस्थमा का इलाज आसान उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे इन हिन्दी अच्छी लगी होगी । पोस्ट में दी गई जानकारी अगर आपको पसंद आई हो तो इसको सोश्ल मीडिया पर शेयर ज़रूर करें और हमे कमेंट मे बताएं ।

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