आयुर्वेदिक नुस्ख़े घरेलू उपचार

बवासीर (पाइल्स) का इलाज और 10 आसान घरेलू उपाय और दवा – Bavaseer (Piles) Ka Ilaaj Aur 10 Aasan Gharelu Upay Aur Dawa In Hindi

बवासीर (पाइल्स) का इलाज और 10 आसान घरेलू उपाय और दवा : बवासीर जिसे पाइल्स भी कहा जाता है बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसका दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है इससे होने वाला दर्द असहनीय होता है | मलाशय के पास नसों मे सूजन आ जाने के कारण बवासीर जैसी गंभीर बीमारी होती है |

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(पाइल्स) बवासीर दो प्रकार की होती है अंदरूनी और बाहरी | अंदरूनी बवासीर जो होती है उसमे नसों की सूजन नहीं दिखाई देती लेकिन इससे जो पीड़ित होता है उसे यह सूजन महसूस होती है | बाहरी बवासीर मे जो सूजन आती है वो गुदा के बाहर दिखाई देती है | अगर आप भी इस गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो आइये हम आपको कुछ आयुर्वेदिक औषदियों के बारे मे बताते है | जिसे अपनाकर आओ बवासीर से छुटकारा पा सकते है |

बवासीर के क्या लक्षण होते है

  1. गुदा के अंदर की ओर या बाहर की ओर मस्से या गांठ जैसा अगर कुछ दिखाई देता है या महसूस होता है तो यह बवासीर की एक बड़ी पहचान है |
  2. पाइल्स सिम्पटम्स मे से एक सिम्पटम्स ऐसा होता है जिसमे गुदा के आसपास खुजली और दर्द की शिकायत होती है लेकिन ऐसा सिर्फ शुरुआत के दीनों मे ही होता है |
  3. शौच करते समय अगर मस्से से ब्लीडिंग होती है तो यह पाइल्स होने का एक बड़ा लक्षण होता है |
  4. समय समय पर शौचालय जाने के बाद भी मल नहीं आना भी बवासीर का एक लक्षण है |

बवासीर होने के क्या कारण होते है

  1. पाइल्स होने का एक बहुत बड़ा कारण है कब्ज़ | इसकी वजह से मल त्याग करते समय अधिक ज़ोर लगाना पडता है | जिससे गुदा के पास की नसों पर दबाव पढ़ने के कारण सूजन आ जाती है |
  2. जब महिलाएं प्रेग्नेंत होती है तब उनहे पाइल्स हो जाती है |
  3. ज़्यादा मोटापा होना भी पाइल्स का बवासीर के कारण मे से एक होता है |
  4. एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने से यह रोग होने की संभावना ज़्यादा रहती है |
  5. बवासीर का इलाज और घरेलू उपाय और घरेलू उपाय

Piles Treatment At Home in Hindi

त्रिफला

रात को लेटते समय 1-2 चम्मच त्रिफला के चूर्ण का सेवन नियमित रूप से करने पर कब्ज़ जैसी समस्या दूर होती है | इससे बवासीर मे राहत मिलती है |

ज़ीरा

ज़ीरा पेट की समस्या मे बहुत उपयोगी माना जाता है | अगर आप भुने हुए ज़ीरे को मिश्री के साथ मिलाकर चूसें तो इससे आपको बहुत बहुत फायदा मिलता है | इसके अलावा आप आधा चम्मच ज़ीरा पाउडर को एक ग्लास पानी मे डालकर सेवन करें | साथ ही साथ इसको पीसकर मस्सो पर लगाएँ इससे भी बहुत लाभ होता है |

अंजीर

सूखे अंजीर का सेवन बवासीर के रोग का इलाज करने का एक अदभुत आयुर्वेदिक उपचार है | एक से दो सूखे अंजीर को पूरी रात के लिए गरम पानी मे भिगो कर रख दें | सुबह उठ कर इसको खालें इस नुस्खे को करने से जल्दी लाभ होता है |

तिल

अगर खून वाली बवासीर है तो खून रोकने के लिए आप 10 से 12 ग्राम धुले हुए काले तिल लें और इनको एक ग्राम ताज़े मक्खन के साथ लेना चाहिए | इसको लेने से बवासीर मे खून आना बंद हो जाता है|

बड़ी इलायची

इलायची को तवे पर रख कर भून लें और उसे इतना भूने के वो जलने लगे इलायची केवल 50 ग्राम की मात्रा मे लें फिर उनहे ठंडा होने के लिए रख दें जब इलायची ठंडी हो जाये तो इसको पीस कर इसका चूर्ण बना लें | इस चूर्ण को सुबह खाली पेट पानी के साथ लेने से बवासीर का रोग ठीक हो जाता है |

आंवला

अगर किसी को बवासीर है और वो आंवला का चूर्ण बना कर शहद मे मिला कर उसका प्रतिदिन सुबह और शाम के समय सेवन करता है इससे बवासीर मे बहुत फायदा होता है। साथ ही आवला का उपयोग करने से शरीर मे अयोग्य शक्ति बढ़ती है। आंवला पेट को साफ रखता है इसलिए यह शरीर के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है।

नीम

नीम को अनेक रोगो का इलाज माना जाता है। खुजली दाद खाज फुड़िया फुंसी आदि की समस्या मे भी नीम को रामबाण माना जाता है। बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए नीम बहुत उपयोगी है। नीम का सेवन नीम के छिलके सहित निंबौरी के पाउडर को 10 ग्राम डेली रात मे रखे पानी के साथ सेवन करना बवासीर मे फायदा होगा। बवासीर के मस्सों पर अगर नीम का तेल और नीम के तेल की 4-5 बूंदे रोजाना पीने से बवासीर दूर होने की संभावना बढ़ जाएगी। और जल्द ही इस रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

गुलाब की पंखुड़ियां

पाइल्स मे खून की परेशानी को दूर करने गुलाब की पंखुड़ियां फायदा करती है | थोड़ी सी पंखुड़ियों को 50 ML पानी मे कुचल कर खाली पेट तीन दिन तक सेवन करें | लेकिन इसके उपचार के साथ केले का सेवन बिलकुल न करें |

इसबगोल

गलत खान पान की वजह से विकसित हुई समस्याओं को दूर करने के लिए इसबगोल की भूसी एक चमत्कारी औषधि है | अगर आप इसका सेवन करते है तो इससे अनियमित और कड़े मल से राहत मिलती है | इसका सेवन करने वाले व्यक्ति का पेट भी काफी हद तक साफ रहता है |

हल्दी

  • हल्दी से बवासीर ठीक करने के लिए आप सबसे पहले हल्दी को थोड़ा सा पीसकर पानी मे थोड़ी देर तक उबालें और उसका काड़ा बना लें फिर आप इसको कहीं ठंडा होने के लिए रख दें | जब काड़ा ठंडा हो जाये तब इसमे थोड़ा सा शहद मिलाकर बोतल मे या किसी शीशी मे भरकर रख लें और रोज़ रात को सोते समय 5 ग्राम काड़ा पीएं इससे आपके बवासीर का रोग खत्म होगा |
  • मूली को अच्छे से धोकर छील लें फिर उस पर हल्दी चूर्ण छिड़क कर खाएं दिन मे ऐसा आपको 1 से 2 बार करना है इससे आपका बवासीर का रोग जल्दी ठीक होगा |
  • काला नमक और पिसी हुई हल्दी को आधे-आधे चम्मच की मात्रा मे ताज़ा पानी और बकरी के दूध मे मिलाकर अच्छे मिक्स कर लें इसको मिलाने के बाद आप इसका 15 से 20 दिन तक सेवन करें इससे आपको जल्दी लाभ होगा | इसका प्रियोग आवश्यकता के अनुसार ज़्यादा दिन भी किया जा सकता है |

आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट बवासीर का इलाज घरेलू उपाय अच्छी लगी हो अगर आपको दी गयी जानकारी अच्छी लगी तो इसे शेयर करें और हमे कमेंट मे ज़रूर बताएं |

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